आत्मनिर्भर भारत - स्वतंत्र भारत (Essay Competition)
आत्मनिर्भर भारत - स्वतंत्र भारत जब मैं अपने अधिकारों का प्रयोग करता हूं तो मुझे आत्म-निर्भर भारत के निर्माण में अपने कर्तव्यों का पालन करना नहीं भूलना चाहिए। स्वावलम्बन अथवा आत्मनिर्भरता दोनों का वास्तविक अर्थ एक ही है – अपने सहारे रहना अर्थात अपने आप पर निर्भर रहना | ये दोनों शब्द स्वयं परिश्रम करके, सब प्रकार के दुःख –कष्ट सह कर भी अपने पैरो पर खड़े रहने की शिक्षा और प्रेरणा देने वाले शब्द है| स्वावलम्बन की एक झलक पर न्योछावर 'कुबेर का धन' यह लोक प्रसिद्ध उक्ति स्वावलंबन की महत्ता को प्रकट करने में समर्थ है। सुवावलम्बी व्यक्ति को सही अर्थों में आदर्श व्यक्ति की संज्ञा दी जा सकती है। ऐसे व्यक्ति का परिचय देते हुए सुप्रसिद्ध कवि 'अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध' लिखते हैं। देख कर बाधा विविध हुए विघ्न घबराते नहीं। रह भरोसे भाग्य के दुख भोग पछताते नहीं।। पर्वतों को काटकर सड़क बना देते हैं वे सैकड़ों मरुभूमि में नदियां बहा देते हैं वे।। गर्भ में जल राशि से बेड़ा चला देते हैं वे। जंगलों में भी महामंगल रचा देते हैं वे। भाग्य भरोसे रहने वाले व्यक्ति प्राय आलसी होते हैं ।स्वावलंब...